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TMC से दूरी के बाद यूसुफ पठान को गुजरात सरकार का तोहफा! 500 वर्गमीटर मुफ्त जमीन देने का प्रस्ताव

 Written By: Malaika Imam
 Published : Oct 20, 2026 05:32 pm IST,  Updated : Oct 20, 2026 05:45 pm IST

यूसुफ पठान को गुजरात के वडोदरा में 978 वर्गमीटर जमीन देने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें 500 वर्गमीटर जमीन मुफ्त और बाकी जमीन 45% रियायत पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।

Yusuf pathan- India TV Hindi
यूसुफ पठान Image Source : PTI

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व सांसद यूसुफ पठान को गुजरात सरकार बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। वडोदरा में लंबे समय से विवादों में रहे एक आवासीय भूखंड की 500 वर्गमीटर जमीन पठान को मुफ्त देने और बाकी 478 वर्गमीटर जमीन 45 प्रतिशत रियायत पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव पर 23 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित वडोदरा नगर निगम (VMC) की स्थायी समिति में अंतिम मंजूरी के लिए विचार किया जाएगा।

नगर निगम आयुक्त की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, कुल 978 वर्गमीटर के इस भूखंड का एक हिस्सा यूसुफ पठान को 'उपहार' के रूप में दिया जाएगा। वहीं, शेष जमीन की कीमत वडोदरा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (VUDA) की मूल्यांकन समिति की ओर से निर्धारित दर की 55 प्रतिशत रखी जाएगी। यानी पठान को बाकी जमीन पर 45 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

2012 से चल रहा है जमीन का विवाद

वडोदरा के तांदलजा इलाके में स्थित यह भूखंड यूसुफ पठान के परिवार के घर के पास है। पठान वर्ष 2012 से इस जमीन को खरीदने की मांग कर रहे थे। शुरुआत में वडोदरा नगर निगम ने जमीन बेचने पर सहमति जताई थी, लेकिन गुजरात सरकार ने 2014 में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

इसके बाद जमीन को लेकर विवाद कई वर्षों तक जारी रहा। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव जीतकर पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर सांसद बनने के बाद पठान को नगर निगम ने कथित अतिक्रमण हटाने और निगम की जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया था।

गुजरात हाई कोर्ट तक पहुंचा मामला

नगर निगम के नोटिस को यूसुफ पठान ने गुजरात हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने दलील दी थी कि मामला एक दशक से अधिक पुराना है और कथित अतिक्रमण हटाने का निर्देश देने से पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया जाना चाहिए था। पठान ने यह भी कहा था कि विवादित जमीन राज्य सरकार की नहीं, बल्कि नगर निगम की है।

हालांकि, हाई कोर्ट ने भूखंड आवंटित करने के अनुरोध को खारिज करने के राज्य सरकार के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद पठान ने खंडपीठ में अपील की। इस साल अगस्त में उनके वकील ने अदालत को बताया कि वह राज्य सरकार की नीति के तहत अपना दावा आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसके बाद अपील वापस लेने की अनुमति के साथ मामला समाप्त हो गया।

TMC छोड़ने के बाद फिर चर्चा में पठान

यूसुफ पठान वर्ष 2024 में पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट से TMC के टिकट पर सांसद चुने गए थे। बाद में उन्होंने उन 20 TMC सांसदों के समूह के साथ पार्टी से अलग होने का फैसला किया, जिन्होंने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर संसद में NDA का साथ देने का कदम उठाया।

अब वडोदरा नगर निगम के आयुक्त के ताजा प्रस्ताव ने जमीन विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। यदि 23 अक्टूबर को स्थायी समिति इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है, तो यूसुफ पठान को विवादित भूखंड आवंटित करने का रास्ता साफ हो सकता है। हालांकि, फिलहाल यह प्रस्ताव है और अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

(इनपुट- PTI)

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